National Convener

मित्रों,
श्री रामकुमार मिश्र प्रजाशक्ति पार्टी (समदर्शी) के संस्थापक अध्यक्ष हैं
इनका जन्म भारत वर्ष के उ0प्र0 राज्य के जनपद सीतापुर जो 88 हजार ऋषियों की तपोभूमि , समस्त उत्तर वैदिक साहित्य की रचना और असुरो को मिटाने के लिए असुरो के अत्याचारो से भयभीत अपदस्थ इन्द्र द्वारा सहयोग मांगने पर उन्हें क्षमा करते हुए स्वेच्छा से देहत्याग कर अपनी अस्थियो का दान करने वाले ब्रम्ह ज्ञानी महर्षि दधीच की कर्म भूमि तपोभूमि के लिए प्रसिद्ध है ऐसी पौराणिक पावन धरा पर 12 जुलाई 1970 को सदर तहसील के पिपरा ग्राम मे कृषक परिवार मे पिता श्री भगवती प्रसाद मिश्र और माता श्रीमती उमा मिश्रा के यहां हुआ ।
इनकी प्रारम्भिक शिक्षा प्राइमरी पाठशाला केमा और इंटरमीडियट की परीक्षा विड़ला विद्द्या मन्दिर इंटर कालेज हरगांव से उत्तीर्ण की स्नातक उपाधि रुहेलखण्ड विवि बरेली से मिली।
वचपन से ही इन्हें प्रभु श्री राम जी के चरण कमलो मे अगाध प्रेम था श्री राम चरित मानस के अनेक प्रसंग इन्हें कण्ठस्थ थे । साथ ही इनका कोमल हृदय गरीबो असहायो मजदूरो की दुर्दशा से ब्यथित रहता था उनकी बाल सुलभ सहायता किया करते थे

जैसे भिखारी को अपने सब पैसे उठाकर दे आना।
थोड़ा बड़े होने पर अपराधियो ,गुंडो और माफियाओ
के द्वारा गरीबो किसानो मजदूरो पर किये जा रहे अत्याचार से मुक्ति दिलाने हेतु
पुलिस मे भर्ती होने का निश्चय किया |

और वर्ष 1990 मे पुलिस मे भर्ती होकर अपने वेतन से गरीबो की यथासम्भव मदद करते और दुष्टो से लड़ते रहै ।
देश मे बढ़ते भ्रष्टाचार और वोट की राजनीति से यह बहुत दुखी रहते थे 4जून 2011 को एक टर्निग प्वाइंट आया और कालेधन की मांग पर जब स्वामी रामदेव जी के आंदोलन का निर्ममता पूर्वक दमन हुआ तब इन्होंने पुलिस विभाग से त्यागपत्र दे दिया अधिकारियो के लाख समझाने के बाद यह अपने निर्णय पर अडिग रहे अंततः नवम्बर 2011 मे इन्हें मुक्ति मिली ।
समान विचार के लोगो का एक संघ बनाकर 13 अप्रैल 2012 को प्रजाशक्ति पार्टी के नाम से राजनीतिक दल के गठन की घोषणा की जिसे भारतीय निर्वाचन आयोग द्वारा जनवरी 2013 मे पंजीकृत कर लिया गया ।

संगठन अब एक राष्ट्र एक कानुन के साथ ही गाव शहर सब जगह सबकी बेरोजगारी दूर करने हेतु प्रत्येक गांव मे गोचर भूमि गौशाला अनाज व चारा भण्डारण की ब्यवस्था के साथ ही
प्रत्येक ब्लाक पर गरीबो किसानो भूमिहीनों द्वारा तैयार मिट्टी के वर्तन से लेकर सभी प्रकार का अनाज शिल्प और चित्रकला गुण सब्जी दूध दही मठ्ठा खोया गोबर गैस गौ मूत्र सबकी 24 घण्टे नकद खरीदारी करने के केंद्र स्थापित करने है ताकि किसी भी नागरिक का वंशानुगत कौशल समाप्त न होने पाए ।

कौशल की कोई कमी नही है कुछ उचित मूल्य पर बिकता नही अनाज भी भ्रष्ट अधिकारी नही खरीदते
वर्तमान मे मनरेगा और कोशल विकास के नाम पर पैसो की निष्ठुर बर्बादी हो रही है गरीबो को बैंक से 10000रु0निकालने पर अंगूठा लगाने के बदले 100 रु0 मिलता है इसे रोक कर हम स्थायी नोकरी देगे और खरीदी गयी वस्तुओ को देश विदेश सब जगह प्रजाशक्ति पार्टी (स)जरूरत मन्दो तक पहुचायेगी।

वर्तमान प्रधानमन्त्री का बिना शर्त समर्थन करने के लिए प्रजाशक्ति ने 2014 का चुनाव नही लड़ा था।
2019 मे ब्यापक परिवर्तन की तैयारी मे …..

Who would have a say about writing research papers its design, etc.